D Pharma Syllabus In Hindi 2023 | D Pharma में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

हेलो दोस्तो आज की इस पोस्ट में आपका स्वागत है यदि आप D Pharma करने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको इसे करने से पहले इसके सिलेबस के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है इसी को देखते हुए हम आज आपको D Pharma Syllabus In Hindi के बारे में विस्तार से बात करेंगे।

दोस्तों D Pharma दो वर्षीय डिप्लोमा होता है जिसमें 4 सेमेस्टर शामिल होते हैं और हर सेमेस्टर के विषय वार अलग-अलग होते हैं इन सभी विषयों के बारे में आपको इस लेख में बताया जाएगा।

D. Pharma Syllabus In Hindi

पाठ्यक्रमD Pharma 
Full Form Diploma In Pharmacy 
अवधि2 Year
संस्थाभारतीय फार्मेसी परिषद (PSI)
पात्रता मापदंडउम्मीदवार को 10+2 के समकक्ष एवं विज्ञान के विषयों (जैसे रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, भौतिक विज्ञान और गणित) में कम से कम 50% अंक होने चाहिए।
प्रवेश परीक्षाGPAT, AU AIMEE Etc
औसत शुल्क₹10,000 – ₹1,00,000
औसत वेतन अर्जित₹2,00,000 –₹5,00,000          

D Pharma Syllabus In Hindi

दोस्तों D Pharma दो वर्षीय डिप्लोमा होता है जिसमें 4 सेमेस्टर शामिल होते हैं इन सेमेस्टर में आपको विभिन्न विषयों का अध्ययन करना पड़ता है जैसे बायोकैमिस्ट्री, फार्मास्यूटिक्स,क्लिनिकल पैथोलॉजी, क्लिनिकल फार्मेसी, ह्यूमन एनाटॉमी और ड्रग स्टोर बिजनेस मैनेजमेंट शामिल किए गए हैं।

D Pharma Syllabus First Year

Semester 1Semester 2
भेषज (Pharmaceutics) -Iभेषज (Pharmaceutics) -2
फार्माकोग्नॉसीफार्मास्युटिकल न्यायशास्त्र
फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री-Iफार्मास्युटिकल केमिस्ट्री-II
जैव रसायन और नैदानिक ​​रोगविज्ञानऔषध विज्ञान और विष विज्ञान
स्वास्थ्य शिक्षण और सामुदायिक फार्मेसीहॉस्पिटल और नैदानिक फार्मेसी
मानव शरीर रचना विज्ञान और शरीर क्रिया विज्ञानदवा की दुकान और व्यवसाय प्रबंधन

D Pharma Syllabus Second Year

Semester 3Semester 4
भेषज (Pharmaceutics) -Iभेषज (Pharmaceutics) -2
फार्माकोग्नॉसीफार्मास्युटिकल न्यायशास्त्र
फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री-Iफार्मास्युटिकल केमिस्ट्री-II
जैव रसायन और नैदानिक ​​रोगविज्ञानऔषध विज्ञान और विष विज्ञान
स्वास्थ्य शिक्षण और सामुदायिक फार्मेसीहॉस्पिटल और नैदानिक फार्मेसी
मानव शरीर रचना विज्ञान और शरीर क्रिया विज्ञानदवा की दुकान और व्यवसाय प्रबंधन

D Pharma Subject

यह भी पढ़े –

विषयों का नामविषयों का विवरण
भेषज (Pharmaceutics)-Iविभिन्न खुराक रूपों और उनके वर्गीकरण मेट्रोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स की पैकेजिंगनिस्पंदन, निष्कर्षण, आसवनफार्मास्यूटिकल्स की नसबंदी आदि जैसी क्रिया शामिल हैं।
फार्माकोग्नॉसीवनस्पति विज्ञान की परिभाषावनस्पति शोधन (Extraction of Plants)वनस्पति की श्रृंखला (Plant Anatomy)वनस्पति के जीवाणु एवं जैविक विविधता (Microbes and Biodiversity of Plants)वनस्पति जीविकाएं (Plant Kingdom)वनस्पति के मूल्यवान विभाग (Plant Parts of Pharmacological Importance)वनस्पति विविधता एवं उसका संरक्षण (Biodiversity of Plants and its Conservation)वनस्पति की बायोप्रोसेसिंग (Plant Bioprocessing)
फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री-Iदवाओं के रसायन विज्ञानरसायनों के बनावट का अध्ययनदवाओं के उत्पादन के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के अध्ययनदवाओं के रसायनिक संरचना का अध्ययनअस्थायी स्थायी या गैर-स्थायी दवाओं के बनाने के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी
जैव रसायन और नैदानिक ​​रोगविज्ञानजैव रसायन की परिभाषाप्रोटीनों का रासायनिक संरचनाएन्जाइम का रासायनिक संरचनाखुराक और उत्पाद विनिर्माणजैव रसायन की महत्वपूर्ण रीढ़ की हड्डी विनिर्माण में भूमिकाशरीर के विभिन्न अंगों के लिए उपयुक्त जैव रसायनों का प्रयोगनैदानिक रोगविज्ञान की परिभाषाखून और मूत्र का रसायनिक विश्लेषणसामान्य रोगविज्ञान परिभाषाजनसाधारण के स्वास्थ्य सम्बन्धी मुद्दों की समीक्षा
स्वास्थ्य शिक्षा और सामुदायिक फार्मेसीस्वस्थ जीवन शैलीसंचाररोग प्रतिरोधक तंत्रजनसाधारण स्वास्थ्यसमुदाय दवाओं का उपयोग
मानव शरीर रचना विज्ञान और शरीर क्रिया विज्ञानमानव शरीर की संरचनाशरीर क्रियाएँरोगों के संबंध में जानकारीदवाओं के प्रभाव
भेषज-IIबहिरावरी उपचारभेषज की विधियाँ एवं उपयोगी विधियाँस्थानिक औषधीय उत्पादों का विकासअध्ययन एवं विश्लेषण के प्रकारशुद्धिकरण एवं संयंत्र विकासखनिज संयंत्र एवं उत्पादों का विकासबायोटेक्नोलॉजी एवं उत्पाद विकासनई तकनीकों का उपयोग एवं इनके उत्पादों पर प्रभावसौंदर्य औषधीय उत्पादों का विकास
फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री-IIआयुर्वेदिक जड़ी-बूटी एवं प्राकृतिक उपचारएन्जाइम एवं तत्वों की खोजविशेष फार्मास्युटिकल तत्वों की खोजविशिष्ट विषयों पर विशेष चर्चा, जैसे- एल्कलॉइड्स, ग्लाइकोसाइड्स, टैनिन्स, फाइटोकेमिकल्स आदिरसायन नियंत्रण के तरीके, जैसे- स्पेक्ट्रोस्कोपी और क्रोमेटोग्राफी आदि
औषध विज्ञान और विष विज्ञानऔषध रसायनऔषधीय खनिजऔषधीय तत्वविष विज्ञान
फार्मास्युटिकल न्यायशास्त्रभारतीय औषध एवं निर्यात अधिनियमफार्मास्युटिकल उत्पादों के विधि और नियमदवाइयों की गुणवत्ता नियंत्रणऔषध निर्माता लाइसेंसड्रग टेस्टिंग लैबोरेट्रीनियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई 
दवा की दुकान और व्यवसाय प्रबंधनदवाओं की संरचना और उत्पादनदवा विक्रेता के रूप में काम करने के लिए लाइसेंस अनुमतिदवा की विपणन और वितरणदवा की दुकान के लिए सामग्री खरीद करना और उन्हें बेचनादवाओं की जांच और अधिग्रहण करने के लिए नियम और विधियाँदवाओं की विक्रय पर टैक्स और कर
अस्पताल और क्लिनिकल फार्मेसीअस्पताल और क्लिनिकल फार्मेसी का परिचयअस्पताल में औषध प्रबंधनअस्पताल में औषधिक सेवाओं के प्रबंधन के लिए गुणवत्ता नियंत्रणरोगी देखभाल में फार्मासिस्ट की भूमिकाअस्पतालों में औषध प्रबंधन के नियम और विधियाँफार्मासिस्ट के रूप में काम करने की तकनीकेंअस्पताल में औषध प्रणाली के उपयोग का अध्ययन

D Pharma प्रवेश परीक्षा का पाठ्यक्रम

दोस्तों D Pharma में प्रवेश लेने के लिए आपको एक परीक्षा देनी होती है जिसका पाठ्यक्रम नीचे दिया गया है-

  • रसायन विज्ञान
  • जीव विज्ञान
  • गणित
  • भौतिक विज्ञान
  • अंग्रेजी भाषा
  • सामान्य ज्ञान
  • सामान्य अध्ययन
  • भारतीय जनसंख्या

यदि आप ऊपर दिए गए इन विषय को अच्छे से पढ़ते हैं और प्रवेश परीक्षा का एग्जाम देते हैं तो आप अच्छे नंबर से पास हो जाएंगे।

FAQs

1. डी फार्मा में कितने विषय होते हैं?

डी फार्मा में पहले साल में आपको 7 विषय पढ़ाये जाते है

d pharma syllabus in hindi pdf download

इस पोस्ट में हमने आपको डी फार्मा के विषयों के बारे में बताया अगर आप यह pdf में डाउनलोड करना चाहते है तो यहाँ क्लिक करें – Download Pdf

निष्कर्ष

दोस्तों आज के इस लेख में हमने आपको D Pharma Syllabus In Hindi के बारे में जानकारी दी है जिसे आपने पढ़ा और समझा होगा मैं उम्मीद करता हूं मेरे द्वारा दी गई जानकारी से आप सभी संतुष्ट होंगे मेरी इस पोस्ट को उन लोगों तक अवश्य शेयर करें जो D Pharma Syllabus In Hindi के बारे में जानना चाहते हैं धन्यवाद।

Hey there, I am Deepak kumar, a Digital Entrepreneur from India. On the mission to help youngsters to build their career in Blogging & Online earning. So I’m here to help you build and grow a successful money-making blog.

Leave a Comment